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न तेरी न मेरी

न तेरी न मेरी .....

1.
वैक्सीन अभी तक इसलिए नहीं आ पाई क्यों कि अनुसंधान से ज्यादा व्यापार की चिंता है कि इसकी कमाई पहले कौन करेगा ।

2.
लोग वैक्सीन के भरोसे न रहें , आनी होती तो अभी तक आ गयी होती ।

3.
हमें जगह जगह पोस्टर लगा कर यह उपदेश दिया गया कि कॅरोना के साथ जीना सीखिए , हम सीख रहे हैं लेकिन लगता है वो ही तैयार नहीं है ।

4.
दिल्ली में मरीज इसलिए ज्यादा आ रहे हैं क्यों कि ज्यादा हैं ,न कि जांच ज्यादा हो रही है इसलिए ।

5.
दावा किया जा रहा है ये जो वैक्सीन आने वाली है उसका असर 95% होगा ।
यानि इससे अच्छे तो हमारे साबुन हैं जो 99.9% सुरक्षा देने का दावा कर रहे हैं ।

6.
जब वायरस का माप हमारी एक कोशिका से 10 लाख गुना छोटा है तो किसी भी किस्म के मास्क के द्वारा  उससे बचाव कैसे हो रहा है ? यह समझ में नहीं आ रहा । 2000₹ जुर्माने से अर्थ व्यवस्था जरूर सुधर जाएगी ।

7.
संक्रमण से बचने के लिए शारीरिक दूरी का नियम और उपदेश भी ठीक उतना ही प्रभावशाली है जितना कि जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए ब्रह्मचर्य का उपदेश ।

8.
अब स्कूल तब खुलेंगे जब भावी पीढ़ी ऑनलाइन क्लासों से अंधी और बहरी हो जाएगी और शिक्षक माइग्रेन से पीड़ित हो चुके होंगे । 

9.
जीरो सेशन पर अब भी विचार कर लें क्यों कि सिर्फ सेशन चल रहा है बाकी सब जीरो ही है ।

10.
यह भी कहा जा रहा है कि अगली महामारी के लिए तैयार रहे दुनिया ।
अब इतना मत डराओ ,कि डर की कीमत ही न रहे ।

11.
सब कुछ इसलिए खोल दिया क्यों कि अर्थ व्यवस्था की ज्यादा चिंता है । सही है क्यों कि
हम वो हैं जो तब तक धन नहीं छोड़ते जब तक निधन न हो जाये ।

¶कुमार अनेकान्त
21/11/2020

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