Tuesday, December 29, 2015

IRONY OF THE RELATIONS.


Some IRONY OF THE RELATIONS




(Some points of the Workshop lectures by Dr Anekant Kumar Jain,New Delhi,09711397716)





१•ऐसी कौन सी चीज है जो माँ को बेटा करे तो बुरा लगता है और दमाद करे तो अच्छा लगता है? Ans-जोरू की गुलामी ।



२•रिश्ता करते समय कन्या के माँ-बाप की इच्छा यही होती है कि लड़का खाते पीते घर का हो लेकिन "खाता-पीता" न हो ।



३•बहु तो ऐसी चाहिए जो हमारे साथ रहे लेकिन दामाद ऐसा चाहिए जो अकेले रहता हो ताकि बेटी स्वतंत्र रहे और मन चाहे वस्त्र भी पहन सके,उसे सास-ससुर की सेवा न करनी पड़े।



४•रोजगार वाले लड़के अक्सर एक बेरोजगार लड़की से विवाह कर लेते हैं किन्तु रोज़गार युक्त लड़कियाँ हमेशा खुद से ऊँचे पद वाला ही वर चाहती हैं। 😊🙋Moral पुरुष प्रधान समाज सिर्फ पुरुष नहीं बनाते।



५•हर पत्नी अपने पति को बेवकूफ कहती है पर मानती नहीं है इसके विपरीत हर पति अपनी पत्नी को बेवकूफ मानता है पर कहता नहीं है।



६•भारत के लगभग हर सफल पति आये दिन ये शाश्वत वाक्य अवश्य सुनते रहते हैं -"वो तो मैं हूँ जो तुम्हारे साथ अब तक निभा रही हूँ,और कोई होती तो कब का छोड़ देती"।



७•शादी के बाद बदल जाना चाहिए,नहीं तो जिस जिस जिद,डांट-फटकार को घर वाले जन्म से सुन रहे हैं,उसे ही शादी के बाद सहन नहीं कर पाते हैं और आरोप नयी शादी, बहू पर आता है और कहेंगे"बदल" गया ।



८•सफल वही है जो प्यार 💘 दिल के अनुसार और शादी आवश्यकतानुसार करता है।प्यार जवानी और शादी बुढ़ापे के लिए  ही करना चाहिए ।



९•कोई चाहे कितना भी दिमाग लगा ले,कितने ही ख्वाब पाले, लव करे या अरेंज ,कुण्डली मिलाये चाहे नहीं, जीवन साथी नियति अनुसार ही मिलता है |



१०•आज तक कभी किसी को १००% मनोनुकूल जीवन साथी नहीं मिला,इसके बाद भी लाखों लोग सुखी एवं सफल गृहस्थ जीवन सिर्फ इसीलिए जी पाए क्यों कि उन्हें साथी के गुणों के साथ साथ दोष भी स्वीकार थे ।



११•पत्नियां दो विरोधी बातें अक्सर कहेंगी -१•मेरे पास पहनने को कुछ भी नहीं है।       २• अलमारी में रखने को जगह नहीं है।



१२•मैं बहू को बेटी कहने और मानने वाले छल के हमेशा खिलाफ रहा हूँ,क्यों कि वह कुछ भी हो जाये बेटे की बहन नहीं हो सकती ।मेरा मानना है कि बहू बेटी जैसी भी नहीं है वह उससे कहीं अधिक सम्मान और स्नेह की पात्र है ।



१३•"नाराजगी"-दामाद का एक विशिष्ट गुण है,जिसका सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाता है और वह फ़िर भी किसी न किसी बहाने अपना वैशिष्ट्य बना कर रखता है।



१४•कई लोगों के विवाह अभी तक सिर्फ इसलिए नहीं हुए क्यों कि वे जरूरत से ज्यादा होशियार हैं और परखते बहुत हैं।



१५•"अज्ञान"- हर जगह हानिकारक है लेकिन रिश्तों के मामले में सफलता की कुंजी है।

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