Friday, November 6, 2015

अहिंसा की स्थापना के तरीके भी अहिंसक होने ही चाहिए |

मेरी बात का बुरा लग सकता है किन्तु यह सही है कि अहिंसा की स्थापना के तरीके भी अहिंसक होने ही चाहिए | किसी को जबरजस्ती कुछ खाने से रोकना ,लगभग वैसा ही है जैसा किसी के मुख में जबरजस्ती कुछ ठूंस देना | हम क्रोध के माध्यम से प्रेम,करुणा,जीव दया की स्थायी स्थापना करना चाहते हैं तो ये उसी धर्म की हानि है जिसे हम स्थापित करना चाहते हैं |ये लगभग वैसा ही है जैसा कि परमाणु बम चलाकर शांति स्थापित करना |-डॉ अनेकांत

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