क्या समाधिमरण अपराध है ? समाधि का सरल अर्थ है आत्मस्थ होना । एक साधक जीवन भर समाधि में रहता है। प्रत्येक सच्चे साधक की यह कामना होती है कि शरीरस्थ होकर मृत्यु को प्राप्त न हो । वह चाहता है कि स्वत: समागत मृत्यु के दिन भी मैं आत्मस्थ रहूं । समाधि पूर्वक मरण को समाधि मरण कहा जाता है । शरीर मुझे छोड़ दे उससे पूर्व मैं शरीर से आसक्ति तोड़ दूं । शरीर से आसक्ति तोड़ने की प्रक्रिया का नाम समाधिमरण है । दुनिया भर में शराब पीना अपराध नहीं माना जाता। सिगरेट पीना अपराध नहीं माना जाता। तम्बाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी सामान्यतः अपराध की श्रेणी में नहीं आता। पंजीकृत वेश्यावृत्ति को अपराध नहीं माना जाता । जबकि इनके दुष्परिणामों के प्रति चिकित्सा विज्ञान लगातार चेतावनी देता है और इन्हें अनेक गंभीर रोगों तथा असमय मृत्यु का कारण मानता है। प्रश्न यह है कि जो पदार्थ मनुष्य के शरीर और जीवन को क्रमशः विनाश की ओर ले जाते हैं, उनके सेवन को व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नाम पर स्वीकार किया जाता है, तो जीवन के अंतिम चरण में स्वेच्छा से संयम, रागद्वेष का त्याग और देह के प्रति आसक्ति क...