*चातुर्मास की एक अद्भुत घटना* नगर में चातुर्मास की घोषणा से चारों तरफ उत्साह का वातावरण था । आचार्य जी का नगर प्रवेश होने वाला था ,समाज ने पूरे नगर को दुल्हन की तरह सजा दिया था । सरकार ने भी स्वागत की पूरी व्यवस्था की थी । आचार्य श्री की ससंघ भव्य अगवानी हुई ,अगवानी में जिलाधिकारी,विधायक ,जैन विद्वान् ,नगर श्रेष्ठी आदि अन्यान्य गणमान्य लोग भी अग्रिम पंक्ति में उपस्थित थे । अगवानी के अनंतर धर्म सभा प्रारंभ हुई । समाज ने सर्व प्रथम पूरे संघ की अष्ट द्रव्य से पूजन की,सभी के सम्मान का कार्यक्रम भी था । आचार्य श्री ने समाज के अध्यक्ष को कुछ निर्देश दिए । समाज के अध्यक्ष ने सर्वप्रथम नगर में प्रतिदिन प्रवचन स्वाध्याय आदि करवाने वाले विद्वान् मनीषी जी को सम्मान हेतु मंच पर आमंत्रित किया और बहुत बहुमान के साथ उनका अभिनंदन किया और प्रशंसा की । इसके अनंतर जिलाधिकारी महोदय और विधायक जी का सम्मान बहुमान किया और सभा प्रारंभ हुई । सभी ने बहुत प्रेरक वक्तव्य दिए । अंत में जिलाधिकारी जी ने अपने महत्वपूर्ण भाषण में कहा *जो समाज पहले चारित्राधिकारी और ज्ञानाधिकारी का सम्मान बहुमान करती ...